बड़े दिन हो गए....!!
वो हल्की सी बारिश , वो महकी सी खुशबु , वो खुदको भिगाए बड़े दिन हो गए....!! वो भोली सी शैतानियां , वो अल्लड सी नादानियाँ , वो पानी में कश्ती बहाए बड़े दिन हो गए...!! वो साइकिल की सवारी , फिरभी ऑडी वाली टशन हमारी , वो सड़को पर दौड़ लगाए बड़े दिन हो गए...!! वो पेड़ो पर चढ़ना , वो दोस्तों से लड़ना , वो स्कूल न जाने के बहाने बनाए बड़े दिन हो गए...!! वो दादी की कहानियाँ , वो पापा का प्यार , वो माँ की गोद में सोए बड़े दिन हो गए...!! वो टूटे खिलौने , वो प्यारी सी गुड़िया , वो गुल्लक में पैसे बचाए बड़े दिन हो गए...!! वो मम्मा से डाँट खाना , वो नानी के घर वेकेशन , वो पापा के कंधो पे सैर किए बड़े दिन हो गए...!! वो बड़े बड़े सपने , वो दोस्त भी अपने , दुश्मन भी अपने , वो पहली गेंद पर छक्का लगाए बड़े दिन हो गए...!! वो खेल में गिरना , वो उठकर संभलना , वो छोटी छोटी चोट खाए बड़े दिन हो गए...!! वो पापा से डरना , वो माँ से झगड़ना , वो गुस्ताखी कर तुरंत माफ़ी मांगे बड़े दिन हो गए...!! वो छुपन छुपाई , वो भाई बहन की लड़ाई , वो दादाजी की छड़ी से...